किसान का खेत हरा ,सब का पेट भरा - महादेव सिंह खण्डेला
सिरोही।रमेश सुथार
राजस्थान किसान आयोग जयपुर के अध्यक्ष महादेव सिंह खण्डेला की अध्यक्षता में कृषक संवाद कार्यक्रम का आयोजन सिरोही मुख्यालय सहित श्री स्वामीनारायण मंदिर के सभा भवन में आयोजित हुआ ।
कार्यक्रम में किसानों को संबोधन करते खण्डेला ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए है । सरकार की योजनाएं किसान की खुशहाली लाने के लिए बन रही है । चाहे बिजली की दरों में छूट की बात हो या फार्म पोंड पर अनुदान या फिर फेंसिंग की बात हो सरकार ने किसानों की समस्याओं को सुना है और निरंतर बदलाव किया है । खण्डेला ने अपने भाषण में कहा कि किसान का खेत हरा तो सब का पेट भरा, किसान अन्नदाता है यदि खेती हरी भरी होगी तो तो सब का पेट भर रहेगा और बढ़ती जनसंख्या का पेट भर रहेगा ।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक संजय तनेजा ने सिरोही जिले की कृषि व बागवानी का परिदृश्य रखा उन्होंने राज्य सरकार की गत साढ़े चार साल के कार्यो को सदन में बताया एवम कहा कि इस अवधि में जिले में 1774 लाख का कार्य किया गया है । जिसमे कृषको को व्यक्तिगत लाभ विभिन्न योजनाओं क्रमशःकृषि
यंत्र , पौध संरक्षण यंत्र, पाइप लाईन , तारबन्दी , बीज मिनीकिट का निशुल्क वितरण , चारा बीज वितरण, फसलों का प्रदर्शन इत्यादि कार्य सम्मिलित है ।
डॉ केसवा ने कृषक जन समूह को तकनीकी जानकारियां दी गई। कृषक संवाद कार्यक्रम में जिले के करीब 250 प्रगतिशील कृषको, कृषि , पशुपालको व मत्स्य से जुड़े हुए उत्पादक कृषको ने तथा कृषि से संबंधित विभागों जैसे पशुपालन, उद्यानिकी, आत्मा योजना ,नाबार्ड व के वी के वैज्ञानिकों ने भाग लिया जिनमे डॉ भोसला, डॉ हेमराज मीना उपनिदेशक उद्यान , डॉ दिनेश प्रजापत जिला विकास प्रबंधक , नाबार्ड , सी सी बी बैंक से इंस्पेक्टर मोरडिया जी ,डॉ पन्ना लाल कि चौधरी सहायक निदेशक कृषि , डॉ जितेंद्र सिंह राठौड़ , डॉ पप्पू लाल खटीक , श्री विक्रम मीणा , कृषि अधिकारी ,डॉ रविन्द्र सिंह कृषि वैज्ञानिक के वी के इत्यादि मौजूद रहे ।कार्यक्रम में गणपत सिंह राठौड़ जिलाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा जिला सिरोही ने जिले की किसानों से संबंधित समस्याओं जैसे बिजली आपूर्ति की अवधि को बढ़ाना, तारबन्दी योजना में पात्रता को सभी श्रेणी व सम्पूर्ण जिले में पात्रता को 0.5 हैक्टर तक करना इत्यादि सुझाव दिए गए। कृषको के अन्य निम्न सुझाव कृषक संवाद कार्यक्रम में आये- संरक्षित खेती की फसलों को तथा पपीते की फसल को बीमा में सम्मिलित करना,जिले मुख्यालय पर कृषि उपज मंडी स्थापित करना, उद्यानिकी यंत्री करण में छोटे ट्रेक्टर पर भौतिक लक्ष्य जिले को दिए जाएं,जिले में कृषि व उद्यानिकी के रिक्त पद भरे जाए, तहसील स्तर पर मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना हो, फसल बीमा में भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शक बनाया जाए व भुगतान निस्तारण में कृषको की भागीदारी को सम्मिलित किया जाए ।
राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित द्वारा किसानों और किसानी तथा विभागीय योजनाओं पर कविताओं के साथ मंच का संचालन किया गया।
कार्यक्रम में किसान आयोग के अनेक सदस्यगण भी इस मौके पर मौजूद रहे जिनमे डाॅ॰ जी.एल. केसवा, कृषि वैज्ञानिक- पूर्व कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय, कोटा,प्रो॰ ओ.पी. खेदड, जैविक कृषि विशेषज्ञ- पूर्व डीन, डाॅ॰ बीरबल, फसलोत्तर प्रबंध विशेषज्ञ- प्रधान वैज्ञानिक (बागवानी), केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, प्रादेशिक अनुसंधान स्थात्र, बीकानेर नारायणराम बेडा व जिले के NGO प्रदान संस्था- सी एम एफ संस्था की प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।



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